BHOOT KI KAHANI | 2 JINN KI BHAYANAK TAKKAR


दोस्तो हम सभी ने जिन्नों के बारे मे तो जरूर ही सुना होगा लेकिन हम आपको बता दे कि जिन्न एक पहेली है और इस पहेली को कोई भी नहीं सुलझा पाया है। जिन्न को आपने कई नाटक ने देखा होगा या फिर जिन्न को फिल्मों मे देखा होगा। जिन्नों के ऊपर कई फिल्मों मे दिखाया गया है कि जिन्न कैसे होते है वह अच्छे कुछ अच्छे भी होते है और कुछ हद से ज्यादा बुरे बुरे भी आइये पड़ते है इस bhoot ki kahani को।


BHOOT KI KAHANI | 2 JINN KI BHAYANAK TAKKAR
bhoot ki kahani






पहले एक बहुत बड़ा जंगल हुआ करता था इस जंगल मे एक बहुत बड़ा सा पेड़ था जो बहुत ही पुराना पेड़ था। इस पेड़ की उम्र लगभग 500 साल थी। यह पेड़ इस जंगल का सबसे पुराना पेड़ हुआ करता था। आप भी जानते होंगे की अक्सर कहानियों मे बताया जाता है कि पुराने पेड़ पर bhoot pret और जिन्न जैसे शक्तियों का आगमन रहता है और ये शक्तियाँ इन पेड़ो पर अपना बसेरा बना लेती है।




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इसी पेड़ पर लगभग 100 से एक जिन्न रह रहा था ये जिन्न काफी ज्यादा खतरनाक जिन्न था। जब भी इस जिन्न का मन करता तो किसी भी जानवर को मार देता था। यह जिन्न अपने आप को सबसे ताकतवर जिन्न समझता था ये समझता था कि इस जिन्न से शक्तिशाली कोई भी इस दुनिया मे नहीं है। इस खूंखार जंगल मे केवल जानवरों के आलाबा कोई भी नहीं रहा करता था।




  • एक न एक घमंडी का घमंड जरूर टूटता है शेर को सवा शेर जरूर मिलता है। ऐसा ही इस जिन्न के साथ होने जा रहा था।




तपस्या करने जंगल मे पहुचा एक योगी, bhoot ki kahani





Note:- आप सभी अच्छे से जानते है योगी कितने निडर होते है वह जंगलो मे तपस्या करने निकल जाते है और अकेले ही उन जंगलों मे रहते है और वहा पर तपस्या करते है।




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इसी तरह इस जंगल मे तपस्या करने के लिए एक योगी पहुचा और इस जंगल मे अच्छी जगह तलाश रहा था ताकि वहा पर वह बैठकर शांति से तपस्या कर सके। इस योगी को काफी समय लग गया इस अच्छी सी जगह को तलाश करने मे। योगी को वही जगह अच्छी लगी जहा पर वह पुराना पेड़ था और उस पेड़ पर वह जिन्न रहता था।









योगी ने इसी पेड़ के नीचे बैठकर अपनी तपस्या करना शुरू कर दिया लेकिन योगी इस बात की जरा सी भी खबर नहीं थी थी कि इस पेड़ पर जहा वह बैठकर तपस्या कर रहे है उस पेड़ पर एक खतरनाक जिन्न रहता है।योगी जब तपस्या कर रहे होते है तभी वह जिन्न उनको मरने की कोशिश करता है क्योकि वह जिन्न नहीं चाहता था कि कोई भी मानव इस पेड़ के नीचे बैठे और यहा पर रहे।




जैसे ही उस जिन्न ने योगी को मरने की कोशिश की लेकिन योगी के चारों तरह एक रझा कवज बन चुका था वह जिन्न उस योगी को छू भी नहीं पा रहा था। वह जिन्न यह देख और भी आग बबूला हो गया था कि उसकी शक्तियों के आगे अच्छे से अच्छा बेकार हो जाता है तो ये तो एक मानव है। जब तक वह योगी तपस्या कर रहे थे तब तक वह जिन्न उस योगी का कुछ भी उखाड़ पाया।




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लेकिन जब वह योगी तपस्या से बाहर आए तब वह योगी अपने खाने के लिए कुछ फल तलाश करने निकल पड़ते है तभी वह जिन्न भी उनके पीझे पीझे चल पड़ता है क्योकि उस जिन्न का मकसद उस योगी को मारना था। कुछ दूर चलने के बाद उस योगी के सामने ये जिन्न आकार खड़ा हो जाता है और ज़ोर ज़ोर से हंसने लगता है। जिन्न योगी से कहता है अब तुम्हारी जान अब मे जल्द ही लेने वाला हूँ।




योगी हंसने लगे और उस जिन्न से योगी ने कहा की अगर मेरी मौत तेरे हाथों लिखी है तो कोई इसे टाल नहीं सकता अगर नहीं लिखी है तो तू मुझे हाथ भी नहीं लगा सकता। ये सुनकर जिन्न को बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाता है और वह जिन्न योगी को मारने के लिए आगे बढ़ता है जैसे ही जिन्न आगे बढ़ता है वैसे ही योगी ईश्वर का नाम लेकर समाधी लगाकर बैठ जाते है।




जिन्न काफी प्रयास करता है लेकिन योगी को मार नहीं पाता है योगी की जान अब खतरे मे थी क्योकि योगी कब तक भूखे प्यासे तपस्या मे बैठे रहते।




  • योगी ने ईश्वर से ध्यान लगाया और कहा अगर मेरी मौत इस खतरनाक जिन्न के हाथों लिखी है तो मुझे मंजूर है अगर नहीं लिखी है तो मेरी जान की आप रझा करे।




यह योगी काफी सालों से ईश्वर की तपस्या कर रहे थे इसलिए ईश्वर भी इस योगी पर महरवान थे। ईश्वर ने योगी की जान बचाने के लिए एक शक्तिशाली जिन्न भेजा जो उस जिन्न से भी ज्यादा शक्तिशाली था। मगर ये जिन्न बहुत प्यारा जिन्न था। योगी को कई घंटे हो गए थे सामाधी मे योगी सहन नहीं कर पा रहे थे मजबूरी मे योगी को सामाधी टोडनी पड़ी जब खड़े हुये तो देखा वह जिन्न अब भी उनके आगे खड़ा था और हंस रहा था।




2 जिन्न की खतरनाक लड़ाई





योगी समझ चुके थे कि मेरी मौत का समय अब आ चुका है और मे जल्द ही मरने वाला हूँ जैसे ही उस खटनाक जिन्न ने तलवार उठाई वैसे ही योगी ने ईश्वर का नाम लिया। जिन्न ने निशाना योगी की गले को बना लिया था जैसे योगी की गले के पास उस जिन्न की तलवार आई वैसे ही उस जिन्न की तलवार दूसरा जिन्न पकड़ लेता है।




इन दोनों जिन्न मे भयानक लड़ाई शुरू हो जाती है इन दोनों जिन्नों की लड़ाई घंटो तक चलती है आखिर मे सत्य की जीत होती है वो खतरनाक जिन्न मारा जाता है जिसको ये घमंड था कि दुनिया मे उससे ज्यादा शक्तिशाली और कोई नहीं है। इंसान हो या कोई दूसरी शक्ति लेकिन ईश्वर की शक्ति के आगे सब बेकार है कभी किसी को किसी बात पर घमंड नहीं करना चाहिए।









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