marne ke baad bhi karta raha pyar, bhoot ki kahani


marne ke baad bhi karta raha pyar, bhoot ki kahani












marne ke baad bhi karta raha pyar, bhoot ki kahani
bhoot ki kahani

दोस्तो आपका बहुत बहुत स्वागत है bhoot ki kahani मे। दोस्तो हम आपको एक ऐसी कहानी के बारे मे बताने जा रहे है जो कि एक शादी शुदा जोड़े की कहानी है जो कि एक दूसरे से सच्चा प्यार किया करते थे लेकिन कुदरत ऐसे प्यार करने वालो पर क्यो जुल्म ढाती है आइये जानते है । क्र्पया दोस्तो इस कहानी को पूरा पड़े तभी आपको इस कहानी के बारे मे पूरा पता चलेगा। 




boot ki kahani


मनोज नाम का लड़का और शिल्पा नाम की लड़की थी (कलपिनिक नाम)। यह दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार किया करते थे। मनोज के पड़ोस मे ही शिल्पा रहा करती थी। मनोज और शिल्पा को एक दूसरे से लगाव होने लगा और धीरे- धीरे इन दोनों मे प्यार बदने लगा। ये दोनों एक दूसरे को आपस मे इतना प्यार करने लगे थे कि अगर शिल्पा कही चली जाती थी तो मनोज से 1 मिनट का समय नहीं गुजारा जाता था। मनोज कही चला जाता था तो शिल्पा का भी टाइम नहीं कटता था।

मनोज और शिल्पा कि जातिया अलग- अलग थी इसलिए यह शादी भी नहीं कर पा रहे थे। मनोज और शिल्पा ने ठान लिया था कि हम एक दूसरे से अलग रह नहीं सकते तो भाग कर क्यो न शादी कर ले। दोनों इस बात पर रजामंद थे और एक मौके कि तलाश कर रहे थे। एक दिन इन दोनों को एक मौका मिला जो भाग कर शादी करने का। इन दोनों ने इस मौके का फायदा उठाया और अपने- अपने घरो को छोड़कर एक दूसरे के साथ भाग गए। इन दोनों ने पहले से ही प्लानिंग बनाई हुई थी कि हमे भाग कर कहाँ शादी करनी है और कहा हमे रहना है। पहले इन दोनों ने शादी की और फिर बाद मे एक बड़े शहर मे किराए का कमरा लेकर रहने लगे।

मनोज उसी शहर मे नौकरी करने लगा। मनोज और शिल्पा बहुत खुशी खुशी बिताने लगे थे। मनोज इतनी कमाई कर लेता था जो अपनी पत्नी को खुश रख सके। शिल्पा भी मनोज का बहुत ख्याल रखती थी। 1 साल बाद मनोज के यहा बेटा पैदा हुआ। मनोज ने अपने बेटे की आने की खुशी मे जबरदस्त पार्टी बनाई और सभी अपने मिलने वाले साथियो के साथ अपने बेटे की आने की खुशी मे पार्टी बनाई। मनोज और शिल्पा की जिंदगी मे एक और नई खुशी जुड़ चुकी थी। यह दोनों पहले से भी ज्यादा खुश रहने लगे।

मनोज का बेटा 6 महीने का ही हुआ था कि अचानक मनोज के साथ यह घटना घट जाती है। वो सही बात है (कुदरत को भी ज्यादा खुशी बरदस्त नहीं होती है)। 

एक दिन साम जब मनोज अपनी नौकरी कर कर अपने घर आ रहा था तो मनोज का रास्ते मे ही एक कर के साथ एक्सीडेंट हो जाता है। मनोज वही सड़क पर बेहोश पड़ा था और कुछ लोगो ने मिलकर मनोज को एक अस्पताल मे भर्ती करबाया था जहा पर मनोज का इलाज किया जा सके। मनोज कि एक्सीडेंट की सूचना जब शिल्पा को लगती है तो शिल्पा रोते रोते उसी अस्पताल मे पाहुच जाती है जहा मनोज भर्ती था। डॉक्टर ने शिल्पा को बताया की तुम्हारे पति के सर मे कुछ ज्यादा जोते आई है इनका ऑपरेशन करना पड़ेगा। शिल्पा को दुख बरदस्त नहीं हो पा रहा था। डॉक्टर ने शिल्पा से 80 हजार रुपए बताए सर का ऑपरेशन करने के लिए।

शिल्पा ने अपने पति के एटीएम मे जितना पैसा पड़ा हुआ था वह निकाला और पैसे कम पड़ने पर अपने सारे गहने बेच दिये ताकि मनोज का ऑपरेशन हो सके। शिल्पा ने 80 हजार रुपए जुटा डॉक्टर को दिये रोते हुए डॉक्टर से कहा की मेरे पति को बचालों मे अपने पति के बिना जिंदा नहीं रह पाऊँगी। डॉक्टर ने भरोसा दिया की हम पूरी कोशिश करेंगे आप भी भगवान से प्रथना करे मनोज पूरी तरह से ठीक हो जाये। डॉक्टर ने मनोज के सर का ऑपरेशन किया और ऑपरेशन करने के बाद बताया की आपका पति ज्यादा दिन तक नहीं जी पाएगा क्योकि आपके पति के सर मे बहुत नुकसान हो चुका है। फिलहाल मनोज ने को तीन दिन बाद होश आ गया गया। शिल्पा पहले खुश हुई उसके बाद रोने लगी क्योकि मनोज ठीक तो हो गया था लेकिन वह शिल्पा के साथ कुछ दिन जिंदा रहता यह शिल्पा को भी नहीं पता था। marne ke baad bhi karta raha pyar, bhoot ki kahani.

होश आने पर पहले अपने बेटे को देखा और बाद मे अपनी पत्नी की तरफ और मनोज अपने बेटे को देखकर खुश हो गया था। 8 दिन बाद मनोज अस्पताल से घर आ गया थाऔर अपने बेटे के साथ अपने घर पर रहने लगा। शिल्पा ने यह बात मनोज से छिपा ली थी कि मनोज कुछ दिन का महमान है। शिल्पा अपने पति के सामने तो खुश रहने का दिखावा किया करती थी और अकेले मे गम मे डूबी रहा करती थी। ऐसा ही एक महीने तक चलता रहा। वो दिन आ ही गया जो नहीं आना चाहिए था मनोज कि एक महीने के बाद मौत हो जाती है। मनोज कि मौत के बाद मनोज कि पत्नी और मनोज का बेटा अनाथ हो जाते है। मनोज का बेटा मात्र 7 महीने का ही हुआ था।

मनोज के जाने के बाद शिल्पा गम डूबी रहती थी कि आगे उसके और उसके बेटे के साथ क्या होगा। शिल्पा के पास ज्यादा पैसा भी नहीं बचा था जो 6 से 7 महीना बैठकर खा सके। शिल्पा के पास एक महीना का खर्चा चालने के लिए पैसा बचा था ऐसे मे शिल्पा बहुत तंगी से खर्चा कर रही थी। एक दिन वो भी आ गया जो शिल्पा के पास पूरा पैसा खत्म हो गया और भूखे मरने कि नौबत आ गई। इस हालत को देख कुछ लोगो ने शिल्पा कि मदद भी लेकिन लोग कहा तक शिल्पा कि मदद कर पाते। हारकर शिल्पा को घरो मे काम करना पद रहा था। शिल्पा अपने बेटे को लेकर घरों मे जाती और साफ सफाई का काम किया करती थी। इस काम से शिल्पा अपना और अपने का पेट भर लेती थी। एक साल तक शिल्पा ने घरों मे काम किया और शिल्पा का बेटा 2 साल का हो चुका था।

शिल्पा का बेटा खेलने कूदने लगा था। शिल्पा अपने पति मनोज कोलगभग भूल ही चुकी थी सिर्फ अपने बेटे से ही प्यार किया करती थी। शिल्पा कुछ हद तक अपने बेटे के साथ खुश रहा करती थी।

ईश्वर का चमत्कार, bhoot ki kahani


जब मनोज कि मौत हुई थी तब उसकी मौत कि उम्र नहीं थी इसलिए मनोज की अकाल मृतु हुई थी। मनोज की aatma तीन दिन तक सभी घटनाओ को देख रही थी जो उसकी बीबी और बच्चे के साथ हो रही थी। तीन दिन के बाद मनोज की aatma भटक रही थी क्योकि वह जगह नहीं रुक पा रही थी मनोज की आत्मा को ऐसा लग रहा था कि अंजान शक्ति उसको अपनी तरफ खीच रही हो। मनोज कि आत्मा को एक तांत्रिक अपने बस मे कर लेता है और उस आत्मा से अपने मन मर्जी काम करने लगता है। ढाई साल तक मनोज कि आत्मा को उस तांत्रिक ने बंधी बना कर अपने पास रखा।










marne ke baad bhi karta raha pyar, bhoot ki kahani
bhoot ki kahani

ढाई साल बाद कैसे भी करके मनोज कि आत्मा वहा से भागने मे कामयाब हो गई और वहा से भागकर सीधे उसी जगह पर आई जहा पर शिल्पा रहा करती थी। मनोज की आत्मा ने देखा की उसकी पत्नी ने उसके जाने के बाद कितने दुख उठाए है और कितने उठा रही है। मनोज की आत्मा ने ईश्वर से प्रथना की हे ईश्वर मुझे कुछ ऐसी शक्ति दे कि मे अपने बीबी बच्चे का जीवन सफल बना सकु। अपने परिवार का दुख मनोज कि आत्मा से देखा नहीं जा रहा था। मनोज की आत्मा अपने परिवार के साथ रहकर रोज ईश्वर की प्रथना किया करती थी एक दिन ईश्वर ने मनोज की आत्मा की प्रथना को सुन लिया और मनोज की आत्मा को वो शक्ति दे दी जो साधारण आत्मा नहीं कर पाती।

जब ईश्वर ने ये शक्ति आत्मा को प्रदान की तो मनोज ने सबसे पहले अपनी पत्नी को स्पर्स किया लेकिन आत्मा के स्पर्स के बाद शिल्पा डर गई। जब मनोज की आत्मा ने बताया की मे तुम्हारा पति मनोज हूँ मुजसे मत डरो और मेरी बात को ध्यान से सुनो। शिल्पा ने डर को छोड़कर मनोज की आत्मा की बात सुनी। मनोज की आत्मा ने शिल्पा से कहा की मेरी आबाज तुम्हें सुनाई देती है इस बात को किसी को मत बताना और मे जैसा कहता हूँ वैसे ही करती जाना। शिल्पा ने मनोज की आत्मा से वादा किया और जैसा मनोज की आत्मा करने बोलती वैसा करने का वादा शिल्पा ने मनोज की आत्मा से किया।

मनोज की आत्मा ने सबसे पहले जो पैसा शिल्पा के पास था। लगभग शिल्पा के पास 1000 हजार रुपेया पड़ा था। मनोज की आत्मा ने कहा इन पैसो का सट्टा खेल ये नंबर कल आने वाला है। शिल्पा ने वैसा ही किया और 1000 रुपए सट्टा खेल लिया जो मनोज की आत्मा ने जो नंबर बताया था। कल को जाकर शिल्पा ने देखा की वह नंबर आ चुका है जो नंबर मनोज की आत्मा ने बताया था। शिल्पा को उस 1000 रुपेयों के बदले 80,000 रुपए मिले और इन रुपेयों को जाकर अपने घर गई और अपने मरे हुए पति की आत्मा से इन रुपेयों के बारे मे बात कही।

मनोज की आत्मा ने शिल्पा से कहा:- की तुम पैसो को बैंक मे जमा कर दो और आगे मे तुम्हें जैसा कहूँ वैसा करो।

शिल्पा ने 70 हजार रुपेया जमा कर दिया और 10;000 रुपए अपने खर्चे के लिए रख लिए।

मनोज की आत्मा ने 5 दिन बाद शिल्पा से कहा:- तुम सभी बैंक मे जमा पैसो को इस कंपनी के शेयर मे लगा दो इस कंपनी के शेयर उझाल मारने वाले है। शिल्पा ने वैसा ही किया जैसा कि मनोज कि आत्मा ने शिल्पा से कहा था। शिल्पा ने देर न करते हुए इन पैसो को उसी कंपनी के शेयर मे लगा दिये। कुछ दिन बाद देखा की उस कंपनी के शेयर उझाल मार चुके है। ऐसा ही करते- करते मनोज की आत्मा ने अपनी पत्नी और अपने बेटे को करोड़ पति बना दिया था। मनोज के परिवार को अब किसी बात की कमी नहीं थी। मनोज की आत्मा ने bhoot बनने के बाद वो कर दिया था जो वह जिंदा रहकर नहीं कर पाता।

अगर सच्चा प्यार दिल मे बसा हो तो खुदा भी उस पर मेहरबान रहता है क्योकि प्यार करने वालों के सामने खुदा भी खुद हार जाता है। 

दोस्तो आपको यह bhoot ki kahani कैसी लगी या बुरी लगी हो हमे कमेंट मे जरूर बताए और इस तरह की कहानिया पड़ने के लिए हमारे ब्लॉग का नाम अपने दिल मे रखे ताकि कोई भी नई कहानी आए तो आपकी दिल की घंटी बजने लगे। हमारी कहानी पड़ने के लिए आपका बहुत धनयबाद आपका दिन शुभ रहे। marne ke baad bhi karta raha pyar, bhoot ki kahani.


Post a Comment

0 Comments