aladdin ka chirag. भूत की कहानी 2017  - Bhoot ki kahani- horror and scary stories in hindi

Saturday, April 6, 2019

aladdin ka chirag. भूत की कहानी 2017 

aladdin ka chirag, भूत की कहानी 2017 

नमस्कार दोस्तो आप सभी का हमारे ब्लॉग bhoot ki kahani मे बहुत- बहुत स्वागत है हम आपको बताने जा रहे है अलादीन के चिराग की कहानी के बारे मे जो बहुत ही दिलचस्प है दोस्तो आप सब से निवेदन है कि क्रपया इस कहानी को पूरा पड़े तभी आपको मज़ा आने वाला है आइये जानते है इस कहानी के बारे मे।
aladdin ka chirag. भूत की कहानी 2017 
भूत कि कहानी 2017 

अलादीन का चिराग की दमदार हॉरर स्टोरी 


एक राजा जिसका नाम धानू था वह राजा काफी धनवान हुआ करता था उसके आगे पीछे नोकरो की लाइन लगा रहती थी लेकिन उस राजा की शादी नहीं हुई थी। धानू अभी तक कुँवारा था और अच्छी सी लड़की की तलाश कर रहा था जो उसकी जीवन साथी बन सके। राजा के माता पिता काफी बुड़े हो चुके राजा चाहता था कि उसको एक ऐसी पत्नी मिले जो मेरे माता पिता की इन आखिरी दिनो मे सेवा कर सके। 

एक दिन राजा एक गाँव से गुजर रहा था वह किसी काम से कही जा रहा था तभी उसकी नजर एक लड़की पर पड़ती है। राजा एक नजर मे उस लड़की का दीवाना हो जाता है और अपने महल मे जाकर अपने मात्रियों से उस लड़की की पूरी जानकारी लाने को कहता है। मंत्री राजा का कहा मान कर उस गाँव की तरफ को निकाल जाते है और राजा को उस लड़की की सारी जानकारी ला कर दे देते है। राजा को पता चलता है कि यह लड़की बहुत ज्यादा गरीब है लेकिन इस लड़की मे राजा को वो सभी गुण दिखते है जो उसे अपनी होनी वाली पत्नी मे देखना चाहता था। 


राजा उस लड़की के परिवार वालों को बुलाता है और अपनी शादी की बात करता है लड़की के परिवार वाले राजा का कहा मान लेते है और शादी करने को तेयार हो जाते है। राजा उस लड़की से भी मिलता है और उसका नाम जनता है प्यार भरी बातें करता है। उस लड़की का नाम (काल्पनिक नाम) खुशबू था। राजा धानू और खूशबू मे प्यार हो जाता है। राजा धानू के माता पिता ने राजा धानू का रिश्ता अपने ही रिश्तेदार के यहा पर पहले ही तय कर रखा था उस लड़की का नाम था (काल्पनिक नाम) सुमन लेकिन राजा धानू को वो लड़की सुमन शुरू से पसंद नहीं थी और राजा उससे शादी ही नहीं करना चाहता था लेकिन सुमन पागलो की तरह धानू से प्यार किया करती थी। aladdin ka chirag. भूत की कहानी 2017. 



जब सुमन को इस बात का पता चला की धानू एक गरीब लड़की से शादी करने जा रहा है तो सुमन के दिल मे आग लग जाती है और पूरी तरह भड़क उठती है। धानू की शादी रोकने का प्लान बनाने लगती है। धानू की शादी खुशबू से जल्द ही होने वाली थी ऐसे मे सुमन का दिल जल रहा था। सुमन ने एक खतरनाक जादूगर को अपने साथ लिया और धानू की शादी रोकने का प्लान बनाया। जिस दिन धानू की शादी होने वाली थी उसी दिन जादूगर को लेकर वहा पर पहुच जाती है और धानू से शादी न करने को कहती है लेकिन धानू मना कर देता है। 

यहा से शुरू होता है जादूगर का आतंक 

जब सुमन का कहा धानू ठुकरा देता है तभी सुमन जादूगर को कहती है कि पर सभी को मार दो और धानू और इसकी होने वाली बीबी को जिंदा छोड़ दो। जादूगर धानू को जिंदा छोड़ देता है लेकिन धानू को कोढ़िया बना देता है। धानू कि इस हालत को देखकर सुमन जोरों शोरों से हसने लगती है और धानू से कहती है कि अब ये लड़की तुझसे भी शादी नहीं करेगी। धानू को महल से निकाल कर गाँव कि सड़क पर छोड़ दिया जाता है ताकि उसकी बरबादी कि कहानी दुनिया को पता लग सके। 


खूशबू को भी महल से भगा दिया जाता है जब खूशबू को पता चलता है कि धानू गाँव कि सड्को पर पड़ा है तो वहा उसका सहारा बनने के लिए चली जाती है लेकिन धानू बार- बार खुशबू से मना करता है कि तुम अपने घर चली जाओ मेरे चक्कर मे अपनी ज़िंदगी खराब मत करो लेकिन खुशबू धानू कि बात को नहीं मानती है और धानू से उसी वक्त शादी कर लेती है। शादी करने के बाद धानू को वहा से बहुत दूर ले जाती है ताकि धानू कि जान सलामत रहे। काफी दूर जाने के बाद उन दोनों को एक गाँव नजर आता है और उस गाँव के किनारे पर यह दोनों लकड़ी का घर बनाकर बस जाते है। 


गाँव के लोग भी धानू को देखकर उससे घिरणा किया करते थे। धानू अपने पत्नी और अपने लिए दो वक्त की रोटी के लिए सड़क पर बैठ कर बच्चो के खिलौने बेचा करता था और अपने घर का खर्चा चलाया करता था। एक साल बाद धानू की पत्नी को बेटा होता है और धीरे- धीरे बड़ा होने लगता है धानू अपने बेटे का नाम गोविंद रखता है। गोविंद जब 8 साल का हो जाता है तो सभी गाँव के लोग गोविंद को दुलार किया करते थे क्योकि गोविंद को धानू वो सारा कुछ सीखा देता है जो दूसरे आदमी इज्जत देकर अपनी इज्जत बना सके इसलिए गाँव के लोग भी धानू के बेटे को इज्जत दिया करते थे। 



गोविंद बच्चपन से ही ईश्वर की प्रथना किया करता था कि पिता ठीक हो जाए लेकिन गोविंद को ऐसा कोई आदमी नहीं मिल रहा था जो उसके पिता की ये हालत ठीक कर सके। एक दिन गोविंद मंदिर मे बैठ कर ईश्वर की पूजा कर रहा था और ईश्वर के लिए भजन गा रहा था तो इसी बीच वहा से एक तपस्वी गुजर रहा था। तपस्वी को गोविंद की आबाज बहुत सुंदर लगती है और उससे रहा नहीं जाता है। तपस्वी गोविंद की तरह आता है और पूरा भजन समाप्त होने तक वहा पर बैठता है जब भजन समाप्त हो जाता है तब तपस्वी गोविंद से पूझता है कि तुम्हारे पिता क्या करते है तो तपस्वी को सारी बात गोविंद बता देता है। aladdin ka chirag. भूत की कहानी 2017. 


तपस्वी को उसकी बात बड़ी भावुक लगती है और तपस्वी गोविंद से कहता है कि तेरे मे साहस है तो अपने पिता को सही कर सकता है। तपस्वी गोविंद को उस चिराग के बारे मे बताता है जिसमे एक जिन्न रहता है और पूरी जानकारी गोविंद को देता है वहा कैसे पहुचा जा सकता है। गोविंद अपने माता पिता से वहा जाने कि जिद करता है लेकिन गोविंद के माता पिता वहा जाने को मना कर देते है गोविंद अपनी अड़ पकड़ लेता है कि मुझे वहा जाना है और अपने पिता को पूरी तरह से ठीक करना है। गोविंद कि इस हट के आगे माता पिता भी हार जाते है और गोविंद को अपना आशिर्बाद देकर बिदा कर देते है। 


गोविंद वहा मंजिल की और निकल पड़ता है तभी उस जादूगर को पता चलता है कि धानू का बेटा उस चिराग कि तलाश मे निकल पड़ा है जो उससे भी ताकतबर जिन्न है। जादूगर धानू के बेटे को रास्ते मे ही मारने कि कोशिश करता है लेकिन तपस्वी गोविंद की जान की रझा करते है तपस्वी मे इतना दम तो नहीं था कि वो सीधा जादूगर से जाकर लड़ सके लेकिन इतना तो दम था कि गोविंद की जान की रझा कर सके इसलिए तपस्वी गोविंद की जान की रझा कर रहे थे। गोविंद उस जगह पर पहुच जाता है जहा जिन्न का चिराग रखा हुआ था। ये सब देख जादूगर भी परेशान होने लगा था कि अगर जिन्न का चिराग इस लड़के को मिल गया तो बहुत बुरा होगा। गोविंद को वो चिराग दिखाई दे जाता है जहा वह चिराग रखा हुआ था।

जिन्न का कहर 

गोविंद उस चिराग को वहा से उठा लेता है और उस चिराग को अपने हाथों से घिसने लगता है। उस चिराग से एक भयानक खतरनाक जिन्न निकलता है। उस जिन्न को देखकर गोविंद डर जाता है। जब जिन्न देखता है कि उसका चिराग उस बच्चे के हाथ मे है तो जिन्न हैरान रह जाता है और बच्चे से कहता है कि तुम मुझसे न डरो मे तुम्हारा ही गुलाम हूँ। जिन्न सबसे पहले गोविंद से पूझता है क्या तुम्हें भूख लगी है। तो गोविंद कहता है हाँ मुझे भूख लगी है। गोविंद कि इस बात को सुनकर जिन्न तुरंत खाना लाता है और बच्चे के सामने बैठ जाता है और देखता है कि बच्चा कैसे खाना खा रहा है। गोविंद थोड़ा सा ही खाना खा पाता है और फिर जिन्न के लिए खाना खाने के लिए बोलता है जिन्न मना कर देता है लेकिन बच्चा हट करने लगता है तो जिन्न खाना खा लेता है खाना खाने के बाद जिन्न पूझता है कि तुम्हें इस उम्र मे क्या परेशानी आ गई जो मेरी जरूरत आन पड़ी।


गोविंद जिन्न को सारी सच्चाई बताता है जिन्न देखता है कि गोविंद के पिता के साथ न इंसाफ़ी हुई है। जिन्न गोविंद को लेकर सबसे पहले गोविंद के पिता के पास पहुचता है और उसके पिता को ठीक कर देता है और उस जादूगर को जिन्न मौत कि घाट उतार देता है। इस तरह गोविंद के पिता कि खोई हुई सारी चीजे मिल जाती है जो उस जादूगर ने उससे छीनी थी। aladdin ka chirag. भूत की कहानी 2017.





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