duniya ke yese do log jinhe bar bar fasi dene par bhi nahi mare, horror story in hindi - Bhoot ki kahani

Wednesday, December 5, 2018

duniya ke yese do log jinhe bar bar fasi dene par bhi nahi mare, horror story in hindi

दुनिया के दो ऐसे लोग जिन्हे बार बार फांसी दी गई लेकिन ये नहीं मरे, भूत की कहानी !

दोस्तों ये दुनिया एक बहुत बड़ी दुनिया है इसका रहश्य आज तक कोई पता नहीं कर पाया। हमारी दुनिया ऐसी कुछ घटनाये घट चुकी है जिनको लोग सुनकर दातों में उगलिया दबा लेते है। कुछ लोगो को मौत का विल्कुल भी डर नहीं होता है आपने देखा होगा यूट्यूब की वीडियो में की ऐसी ऐसी जगह  स्टॅंड करते है कि आदमी की रूह काँप जाए ये लोग मौत से मौत का खेल खेलते है आइये हम आपको बताते है ये दुनिया के ऐसे दो लोग है जिन्हे फांसी देने के बाद भी यह लोग नहीं मर पाए। duniya ke yese do log jinhe bar bar fasi dene par bhi nahi mare, horror story in hindi .


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1:- जॉन ली 



Horror Story In Hindi जॉन ली ब्रिटेन का निवासी था। यह एक ऐसा आदमी है जिसे फांसी पर लटका दिया था लेकिन फिर भी इसको मौत नहीं आई। इस आदमी ने एक महिला का क़त्ल कर दिया था जिसके बाद पुलिस ने इस आदमी को उस महिला की हत्या के जुर्म में जेल भेज दिया। जॉन ली पर उस मर्डर केस पर मुकदमा चलने लगा।  मुकदमा चलते चलते काफी दिन हो गए उसके बाद जज ने जॉन ली को फांसी की सजा सुना दी। जॉन ली वही पर चीखने लगा और कहना लगा की आप मुझे फांसी पर लटका मार नहीं सकते लेकिन जज और अन्य वह मौजूद लोगो ने उसकी ये बात सुनी तो उन्होंने सोचा की अपनी मौत की सजा सुनकर यह आदमी बौखला गया है लेकिन थोड़ी देर जॉन ली ने फिर कहा की तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते क्योकि मेरी रक्षा एक आत्मा  करती है और वो मुझे मरने नहीं देगी। ये सब सुनकर वहा मौजूदा लोग सन्न रह गए कि आखिरकार यह आदमी क्या कह रहा है। 
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Bhoot Ki Kahani जैसे ही कोर्ट के बहार ये खबर कुछ लोगो को पता चली तो ये खबर आग की तरह फ़ैल गई। न्यूज़ चैनल और अखबारों में इसकी चर्चा होने लगी। कुछ दिन बाद जॉन ली को फांसी दी जाने वाली थी। वह दी आ चुका था जब जॉन ली को फांसी दी जाने वाली थी। जॉन ली ने सुबह उठकर नहाना धोना किया और वहा की पुलिस जॉन ली को फांसी की जगह ले आई लेकिन जॉन ली ऐसे आ रहा था जैसे उसे कोई फांसी नहीं होने वाली बल्कि उसे कही घुमाने ले जाया जा रहा हो। जॉन ली के चेहरे पर भी कोई डर जैसा कुछ नहीं झलक रहा था। ऐसा लग रहा था कि जॉन ली को कोई चिंता ही नहीं है। जहा पर फांसी देनी थी उस जगह पर जॉन ली को ले जाया गया। वाहा पर मौजूद एक जल्लाद था और जज भी वहा मौजूद था। जॉन ली को मुँह पर काला कपडा पहनाया गया। फांसी का फंदा उसके गले में डाल दिया गया। जैसे जज ने घडी में टाइम देखकर जल्लाद को को इशारा किया जल्लाद ने फांसी देने वाले लीवर को दबा दिया। लीवर दबाने के बाद जॉन ली वैसे का वैसा ही खड़ा हुआ था। जिस पर जॉन ली खड़ा हुआ वह तख्ते लीवर दबाने के बाद खुल जाते है लेकिन जॉन ली के साथ ऐसा नहीं हुआ। लीवर दबाने के बाद भी वह तख्ते नहीं खुल रहे थे। duniya ke yese do log jinhe bar bar fasi dene par bhi nahi mare, horror story in hindi .
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जॉन ली को वाहा से हटाकर उस जगह की जाँच हुई लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि वह तख्ते पूरी तरह से सही काम कर रहे थे। जॉन ली को फिर से फांसी पर चढ़ाने का प्रयास किया गया। जॉन ली को दुबारा फांसी पर  चढ़ाया गया फिर भी उसके साथ यह घटना घटती रही। वहा मौजूद लोग यह दृश्य देखकर हैरान और परेशांन थे आखिर ऐसा किस लिए हो रहा है। इस प्रकार जॉन ली को चार से पांच बार फांसी पर चढ़ाया गया लेकिन जॉन ली को मार नहीं सके क्योकि एक अनजान aatma उसकी जिंदगी की हिफाजत कर रही थी। जैसे ही बहार इस खबर के बारे में पता चला की जॉन ली को कई बार फांसी पर चढ़ाया गया है। लोगो ने वहा पर प्रदर्शन शुरू कर दिया और जॉन ली को फांसी न देने की मांग करने लगे। जनता का यह आक्रोश देखकर जॉन ली को फांसी नहीं दी गई वल्कि जॉन ली को उम्र कैद की सजा सुना दी गई। जॉन ली ने उम्र कैद के तहत 22 वर्ष जेल में गुजारे जेल से 1907 में  बहार आने के बाद जॉन ली ब्रिटेन को छोड़कर अमेरिका चला गया। अमेरिका में 1933 में उसकी मौत हो गई। Horror Story In Hindi .
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2:- जोसिड सैंवल 


जोसिड सैंवल आस्ट्रेलिया के निवासी थे इनको भी एक हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी। सन 1803 की घटी घटना चौकाने वाली घटना में से एक है। इस घटना में निर्दोष आदमी को फांसी की सजा सुनाई गई थी। जिसका नाम जोसिड सैंवल था उनपर हत्या का आरोप था और सारे सबूत उनके खिलाप थे जब सारे सबूत उनके खिलाप थे तो उनको जेल भेज दिया गया। अदालत में मुकदमा चल रहा था। सारे सबूत को देखते हुए जज ने जोसिड सैंवल को फांसी की सजा सुना दी। जोसिड सैंवल चीख चीख कर यह कहने लगे की में बेगुनाह हु मेने कोई हत्या नहीं की जो हत्या हुई है वो मेनुएल ने की है। लेकिन अदालत में किसी ने जोसिड सैंवल की बात का सख्ती से नहीं लिया और फांसी की सजा सुना दी गई। जोसिड सैंवल ने अदालत में मौजूद लोगो के सामने यह बात कही यह न्यान  नहीं है अन्याय है और साथ में यह भी कहा की अगर में निर्दोष हूँ तो मुझे कोई नहीं मार सकता क्योकि ईश्वर की ताक़त से ज्यादा किसी भी ताक़त नहीं है की मुझे मार सके। फांसी वाले दिन जोसिड सैंवल को जल्दी उठाया गया और जहा पर फांसी दी जाती है वहा पर ले जाया गया। जोसिड सैंवल के चेहरे पर ईश्वर के प्रति आत्मसम्मान झलक रहा था। जोसिड सैंवल को देखना था कि ईश्वर होता है या नहीं। जैसे ही जल्लाद ने फांसी पर लटकाने के लीवर खींचा तो हैरान रह गया क्योकि लीवर तो खींच दिया और तख्ते भी खुल गए लेकिन फांसी का फंदा ढीला पड़ गया जिस वजह से फांसी के फंदे में जोसिड सैंवल नहीं जकड पाए। 
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उन्हें वाहा से हटाकर उस फांसी के फंदे की जाँच की गई तो यह फांसी का फंदा पूरी तरह से ठीक था। फिर से जोसिड सैंवल को फांसी दी गई फिर दुबारा भी ऐसा ही हुआ। फिर से प्रयास किया गया इस बार जोसिड सैंवल फांसी पर तो लटक गए लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे वो हवा में झूल रहे हो या उनको हवा में कोई पकडे पड़ा हो काफी देर तक जोसिड सैंवल फांसी के फंदे पर लटके रहे लेकिन मौत भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाई। दुबारा जाँच की गई तो पता चला की उस हत्या का असली हत्यारा वही आदमी था जो जोसिड सैंवल ने चीख चीख कर अदालत को बताया था। उस आदमी को फांसी पर चढ़ा दिया गया था। duniya ke yese do log jinhe bar bar fasi dene par bhi nahi mare, horror story in hindi .
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