jinn ki ashiqi bhoot ki kahani - Bhoot ki kahani- horror and scary stories in hindi

Sunday, March 11, 2018

jinn ki ashiqi bhoot ki kahani

जिन्न की आशिक़ी भूत की कहानी 
jinn ki ashiqi bhoot ki kahani
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काव्य नाम की लड़की जो दिखने में बहुत सूंदर थी। उसके पापा सरकारी नौकर थे रोज सुबह उठकर वो अपनी नौकरी पर चले जाते थे।  काव्य अपनी माँ के साथ हाथ बटाकर रोज कॉलेज को पड़ने जाती थी काव्य उस टाइम पर बी. ए की पढ़ाई कर रही थी। काव्य जिस कॉलेज में पड़ती थी वह कॉलेज लगभग  200 साल पुराना बना हुआ था। इस कॉलेज का नाम धर्मराज इण्टर कॉलेज था। इस कॉलेज में अनेको कमरे बने हुए थे कुछ कमरों में विधार्थियों की पढ़ाई कराई जाती थी और कुछ कमरे खाली पड़े हुए थे कॉलेज के सभी विधार्थी इन बंद पड़े कमरों की चर्चा किया करते थे। की आखिर इन कमरों के अंदर है क्या सभी विधार्थी इसी सोच में रहते थे। जब कोई विधार्थी इन कमरों के बारे में टीचर से सबाल करता तो टीचर भी इन कमरों का राज़ नहीं बताते थे। 


यह कमरे लगभग 150 साल से बंद थे इन कमरों को खोलने की किसी की भी हिम्मत नहीं हुई हां एक बार किसी अनजान लड़के ने इन कमरों में से एक कमरे का जाने का प्रयास किया और वो सफल भी हो गया फिर क्या था। जब सुबह कॉलेज खुला तो उस लड़के की लाश उस कमरे से निकाली गई  उस दिन से आज तक यह कमरे  बंद पूरी तरह से बंद कर दिए गए माना जाता था यह कमरे पूरी तरह से शापित थे इन कमरों में bhoot pret और aatmao का साया था। इन कमरों के में जिन्न की होने की कहानी बताई जाती थी।  उस जिन्न को विल्कुल भी नहीं पसंद था की कोई इन कमरों के अंदर आये ऐसा करने पर उस लड़के ने अपनी जान गवा दी थी। काव्य और काव्य दोस्त यह प्लान बना रहे थे कि इन कमरों में क्या हे यह पता करना है।




काव्य और काव्य के दोस्तों ने मिलकर कॉलेज की छुट्टिया पड़ने पर इन कमरों को खोलने का प्लान बनाया और छुट्टिया पड़ने पर रात को काव्य अपने दोस्तों के साथ इस कॉलेज में घुस गई काव्य के साथ 2 लड़की थी और 2 लड़के यह काव्य के दोस्त थे रात के तीन बज रहे होते है क्योकि काव्य ने रात के तीन बजे जाने का प्लान इसलिए बनाया की इस समय पर हर आदमी गहरी नींद में होता और वह बिना रोके टोके कॉलेज के अंदर जा सके रात के तीन बजे काव्य ने अपने दोस्तों की मदद से उन कमरों के ताले तोड़ने शुरू कर दिए कमरों के तालों के ऊपर कुछ तावीज बंधे हुए थे। लेकिन काव्य और काव्य के दोस्तों ने इन्हे नकार दिया क्योकि यह सब अंध विश्वास पर विश्वास नहीं किया करते थे। jinn ki ashiqi bhoot ki kahani 






कॉलेज में दो कमरे खाली पड़े हुए थे काव्य ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इन दोनों कमरों के ताले एक साथ तोड़ दिए ताले तोड़ कर पांचो अंदर चले गए इन कमरों में है क्या तलाश करने लगे। तलाश करते करते एक लड़का वेहोश होकर वहा पर गिर गया शायद इसने कुछ भयानक देखा हो काव्य समेत अन्य दोस्त उस लड़के को उठाने का प्रयास करने लगे लेकिन वह लड़का काफी बेहोशी में जा चूका था। उसकी इस हालत को देखकर वह चारो भी डर गए वेहोश पड़े लड़के को लेकर भागने का प्रयास करने लगे जैसे वह दरबाजे की तरफ को भागते है दरबाजा अपने आप बंद हो जाता है तीनो लोग इतने डर जाते है की उनकी सांसें उखड़ने लगती है और दिल की धड़कन तेज़  हो जाती है उस कमरे मौजूद बहुत सी खुखार आत्माओ ने इन तीनो को डराना शरू कर दिया कभी कोई सामान इधर से उधर गिरता तो कभी कुछ। ऐसी खतरनाक परितिथि को देखकर वह चारो दोस्त भी वेहोश हो गए।



आत्माये इन पांचो दोस्तों को मौत के घाट उतारने की प्रक्रिया शुरू कर देती है इन पांचो दोस्तों को बारी बारी से उठाकर दीवार में उनका शरीर पटकने लगती है इन पांचो दोस्तों की हड्डिया तोड़ देती है यह बेहोशी हालत में पड़े थे केवल इनकी सांसें चल रही होती है बरना पूरी तरह से यह पांचो मर चुके थे। इन दो कमरों में एक में तो आत्माओ का वाश था दूसरे कमरे में जिन्न रहा करता था। वह जिन्न जाग जाता है उस कमरे से निकल कर आता है जिन्न की नज़र काव्य पर पड़ जाती है जिन्न देखता है उस लड़की के साथ यह आत्माये खुनी खेल खेल रही है जिन्न को ऐसा नज़ारा देख जिन्न की आँखों में खून उतर जाता है इन सभी आत्माओ को अपनी शक्ति के जरिये भस्म कर देता है इन पांचो दोस्तों की केवल सांसें ही चल रही थी जिन्न इन पांचो को पूरी तरह से ठीक करता है और पांचो के दिमाग से ये रात की घटना को मिटा देता है ताकि इन सबको याद न रहे और वहा से चला जाता है। jinn ki ashiqi bhoot ki kahani




जब सुबह के 7 बजते है तो इनकी आँखें खुलती है और इन लोगो को केवल इन कमरों में घुसने तक की याददास्त याद बाकी सब भूल चुके होते है और वहा से निकल कर अपने अपने घर आ जाते है जीन शायद पिछले जन्म में काव्य को जनता हो या काव्य से प्यार करता या काव्य से प्यार हो गया ऐसा कुछ न कुछ तो जरूर होगा नहीं तो एक ज़िद्दी जिन्न इतना गुस्से में नहीं होता है इस तरह किसी की जान नहीं बचाता है


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