padmavati ki aatma ka badla - Bhoot ki kahani- horror and scary stories in hindi

Saturday, April 6, 2019

padmavati ki aatma ka badla


                           पदमावती की आत्मा का बदला 


padmavati ki aatma ka badla
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300 साल पहले एक राजा जिसका नाम राजा धर्मेन्द्र था. राजा के कई दासी थी उसमे सबसे सुंदर दासी पदमावती थी वह राजा को अपना निर्त्य दिखा कर राजा को खुश किया करती थी . राजा धर्मेन्द्र पदमावती को पसंद करता था . राजा आराम घर में पदमावती के साथ काफी समय गुजारता था . लेकिन पदमावती धर्मेन्द्र राजा को पसंद नहीं किया करती थी . वो राजा से दूर रहना पसंद करती थी . राजा का सेनापति राजा की सुरझा के लिए राजा के साथ रहा करता था जिसका नाम तान्वीर था . जब राजा न होता पदमावती से सेनापति की मुलाक़ात होती रहती थी .





यह मुलाक़ात बार  बार  होने पर सेनापति पदमावती को और पदमावती सेनापति को पसंद करने लगते हैं . धीरे यह मुलाक़ात प्यार में बदल जाती हैं . दोनों एक दुसरे से बहुत प्यार करने लग जाते हैं . और जब सेनापति को समय मिलता वह चोरी चुपके पदमावती से मिलने जरुर जाता था . राजा धर्मेन्द्र को इस बात की कोई खबर नहीं थी . दिन भर सेनापति राजा के पास रहता जब रात के 2 या 3 बज जाते तो सेनापति पदमावती से मिलने जाया करता था . एसा कई दिनों तक चलता रहा सेनापति को यह भी एहसास था कि अगर राजा को हम दोनों बात पता चल जाए तो हम दोनों को राजा जिन्दा नहीं छोड़ेगा . इस बात का पता होने बाबजूद सेनापति और पदमावती प्रेम लीला में दुबे रहते हैं .




रात में सेनापति जब पदमावती से मिलने को जाता है जब दोनों आपस में बात कर रहे होते हैं . तो राजा की एक दासी उन दोनों बात करते हुए देख लेती हैं . और वो दासी अगले दिन राजा को साड़ी सच्चाई बता देती हैं . राजा आग बबूला हो जाता हैं .और अपने सैनेको को भेज कर सेनापति और पदमावती को बंधक बनाकर लाने को कहता हैं . सैनिक उन दोनों को बंधक बना कर राजा के पास ले आते हैं . राजा पदमावती तथा सेनापति से पूझता है की तुम्हारे बीच क्या सम्बन्ध है तब पदमावती और सेनापति राजा को सारी सच्चाई बताते है . राजा क्रोध में आ जाता हैं .और सेनापति का सर कलम करने का आदेश दे देता हैं .



तुरंत सेनापति के शरीर सर को कलम कर दिया जाता है लेकिन पदमावती राजा से दोनों के जान की भीक मागती हैं लेकिन राजा को जरा सी भी दया नहीं आती पदमावती क्रोध में आ कर सारा सम्राज्य मिटाना का श्राप दे देती है . और राजा पदमावती को तरह तरह की यातनाये देकर जिन्दा दफनाने की सजा सुना देता है . राजा के आदेश को लेकर सैनिको ने पदमावती को राजनगरी से 15 km दूर जंगल में दफना दिया जाता हैं . पदमावती जब तक उस कबर में जिन्दा रही जब तक इश्वर से प्रार्थना करती रही की मरने के बाद राजा धर्मेन्द्र से मुझे बदला लेना हैं . padmavati ki aatma ka badla





और वह मर जाती हैं . पदमावती की आत्मा एक विकराल आत्मा का रूप धारण कर लेती हैं . जो एक साधारण आत्मा कई गुना शक्तिशाली थी . और राजा से बदला लेने को व्याकुल होने लगती हैं . किसी दुसरे राज्य में जोकि राजा  धर्मेन्द्र से बड़ा राज्य था . तो उस राज्य के राजा का नाम तिरूपति था .उस राजा की एक बेटी थी . जो राजा तिरुपति अपनी जान से ज्यादा अपनी बेटी से प्यार करता था . तो पदमावती की आत्मा  राजा की चहेती बेटी के शरीर में घुस जाती हैं . औए धीरे - धीरे उसके शरीर को बस में करने लगती हैं .




राजा तिरुपति की बेटी बीमार होने लगती हैं . राजा अपनी बेटी का बहुत इलाज कराता लेकिन वह किसी तरह ठीक नहीं होती .तिरुपति राजा परेशांन रहने लगता हैं . और किसी नामी वैध को बुलाया जाता हैं और वो इलाज करने लगता हैं इलाज करते करते वैध को राजा की बेटी के चेहरे में दो चेहरे दिखाई पड़ते हैं . एक तो राजा की बेटी का चेहरा और दूसरा पदमावती का चेहरा तो वैध डर जाता हैं . राजा को बताता है कि तुम्हारी बेटी किसी बीमारी से ग्रस्त नहीं है बल्कि उसके शरीर में किसी आत्मा का वाश हैं . उसका इलाज कोई वैध नहीं कोई तांत्रिक कर सकता हैं . तो राजा डर जाता है . रोने लगता है वह अपनी बेटी की जान बचाने के लिए अपनी जान भी दाओ पर लगाने को तयार हो जाता हैं .






और आदेश देता है बड़े से बड़ा तांत्रिक बुलाया जाए जो हामारी बेटी ठीक कर सके उसे हम मुह मागा इनाम भी देंगे राजा के दरबार में एक तांत्रिक आता हैं और आत्मा को राजा की बेटी के शरीर से निकालने की प्रकिर्या शुरू कर देता हैं . लेकिन पदमावती की आत्मा उस तांत्रिक को कब्ज़ा नहीं देती हैं .वोह तांत्रिक घबरा कर राजा से माफ़ी मागने लगता हैं . की यह कार्य मुझसे नहीं होगा सबसे बड़ा तांत्रिक नाम पता बताकर चला जाता हैं . राजा उस बड़े तांत्रिक को लाने के लिए कहता हैं . सैनिक उस तांत्रिक को निवेदन पुर्वक राजा के पास लाते हैं .




राजा तिरुपति सारी सच्चाई उस तांत्रिक बताता हैं . तांत्रिक अपने काम में लग जाता हैं . तंत्र मंत्र की शक्ति से पदमावती की आत्मा को राजा की बेटी के शरीर से निकालने की प्रकिर्या सुरु कर देता हैं . पदमावती की आत्मा उस तांत्रिक के सामने खड़ी हो जाती हैं . पदमावती की आत्मा बहुत क्रोध में होती हैं . और तांत्रिक पर हमला कर देती हैं .तांत्रिक के समझ में आ जाता हैं कि यह कोई साधारण आत्मा नहीं हैं . इसे वश में करने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता हैं . तो तांत्रिक इतना पूझता है पदमावती की आत्मा से तुम क्या चाहती हो .





तुम्हे क्या चाहिए राजा की बेटी की जान छोड़ने का पदमावती की आत्मा तिरुपति राजा से बात करने लगती .राजा को अपने साथ जितनी घटनाये घटी हे औए उसके साथ जो नाइंसाफ़ी उसके साथ हुई थी वह सब कहानी राजा तिरुपति को बताती हैं . राजा को भी लगने लगता है कि पदमावती के साथ गलत हुआ हैं . तो राजा पूझता है की तुम्हे मेरी के जान के बदले क्या चाहिए तो पदमावती राजा की बेटी का शरीर छोड़ने के लिए कहती हैं लेकिन एक शर्त रखती हैं . कि राजा धर्मेन्द्र के राज्य पर हमला करोगे और उस राज्य को तुम्हे मिटाना होगा तभी में तुम्हारी बेटी का शरीर छोडूंगी राजा सोचने लगता हैं . और पदमावती की आत्मा की शर्त मान लेता हैं .






और पदमावती की आत्मा से वादा करता हैं कि राजा धर्मेन्द्र के राज्य को मिटा दिया जायेगा लेकिन तुम मेरी बेटी का शरीर छोड़ दो नहीं तो वह मर जायेगी राजा के कहने पर पदमावती राजा की बेटी का शरीर छोड़ देती हैं . और राजा राजा धर्मेन्द्र के राज्य पर हमला कर देता हैं . कई दिनों तक युद्ध होता हैं उस युद्ध में पदमावती की आत्मा  भी राजा तिरुपति का साथ देती हैं . युद्ध समाप्त होने पर राजा धर्मेन्द्र को बंधी बना कर पदमावती की आत्मा  पास लाया जाता हैं .और पदमावती की आत्मा और राजा धर्मेन्द्र को अकेला छोड़ दिया जाता हैं पदमावती की आत्मा आत्नाये दे देकर राजा धर्मेन्द्र को मार देती है इस तरह padmavati ki aatma ka badla पूरा होता हैं . और राजा तिरुपति की बेटी भी पुरे तरीके ठीक हो जाती हैं .


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