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Saturday, April 6, 2019

bhoot ki kahani jinnat ka pyar

                                                   जिन्नात का प्यार 


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              धिनोरी नाम का गाँव हुआ करता था सभी जाति के परिवार यहाँ रहा करते थे. इनमे सबसे ज्यादा मुगलों की जनसँख्या ज्यादा थी सभी के परिवार खुशहाल ज़िन्दगी गुजारते थे . सभी जाति के परिवार मिल जुल कर रहा करते थे . यहाँ बच्चे खेलते कुदते रहा करते थे बच्चों की उम्र लगभग 5 से 6,7 के बीच में थी जो अक्सर खेलते हुये गाँव से बहार आ जाते थे गाँव के  बहार एक खंडर था .जो बच्चे अक्सर वहा खेला करते थे उस खंडर में बनी मुर्तिया बच्चों को आकर्षित करती थी .

बच्चे इन मूर्तियों से खेला करते थे एसी कोई अफवाह नहीं थी कि कोई भूत प्रेत बगेरा का साया मोजूद हैं . तो गाँव के लोगो चिंता बाली बात नहीं थी  की हमारे बच्चे पूरी तरीके शुरक्षित हे तो बच्चों को खेलने दिया करते थे तो बच्चे हर एक दिन खंडर में खेलने जाया करते थे .जिनमे एक लड़की सलमा भी थी उन बच्चों के साथ खेलती थी .









एक बार जब बच्चे खंडर में खेल रहे थे तो सलमा को मूर्ति के अंदर कुछ दिखाई दिया जिसमे कोई पुरानी सी बोतल राखी हुई थी सलमा उस बोतल को उठा लेती हैं और उससे खेलने लग जाति हे खेलते ओर भी बच्चे उस बोतल को देख लेते ओर छिना झव्टी में बोतल फूट जाति हैं .





उस बोतल के पुराणी सी चाबी निकलती है  जिस पर जंग लगी हुई थी बच्चों को समझ नहीं आ रहा था हम चाबी का क्या करे ओर वही पर रख देते हे सलमा चुपके से उस चाबी वहा से उठा लेती हैं . ओर घर अपने साथ ले आती हे सलमा को रात को सपने में कोई जिन्नात दिखाई पढता जो सलमा से कहता हे मुझे आजाद करो में तुम्हारे लिए काफी खिलोने मिठैया बगेरा दूंगा उस जिन्नात का नाम क़यामत जिन्न था जो सलमा इस तरह सपने में समझा रहा था .कि सलमा उस जिन्नात से बिलकुल न डरे ओर जहा चाबी लगने का पता था वोह भी सलमा को बता देता हैं . कुछ दिन बाद ईद का त्यौहार आने बाला था सभी ईद की तयारी में लगे हुए थे तो कोई बच्चे खेलने के लिए खंडर में नहीं जा रहे थे . तो सलमा खंडर में अकेली आती हे क्योकि सलमा को खिलोनो का खाने पीने की चीजो का लालच आ रहा था .तो सलमा उस चाबी को एक मूर्ति  के अंदर हाथ डाला तो वहा से लोटा के दिखने बाला बर्तन निकलता है जो पुरे तरीके से बंद था ओर उस के ऊपर ताबीज बगेरा बढ़ी हुई थी .bhoot ki kahani jinnat kapyar







सलमा सभी चीजों को उस बर्तन से हटा देती हे हटा हि उसमे धुआ जेसा निकलता हे वो जिन्नात एक नोजाबान का रूप ले लेता ओर सलमा को कुछ खिलोने व् मिठैया देता जिससे सलमा खुश हो जाती हे खुसी से झूमती हुई घर आ जाती हे लेकिन किसी कुछ नहीं बताती .वह जिन्नात कई सालो से उस बर्तन में किसी जादूगर ने बंद करके उन मूर्तियों में रख दिया था खंडर में तीन मुर्तिया थी एक मूर्ति में बोतल में बंद चाबी थी दूसरी मूर्ति में बंद लोटा की तरह दिखने वाले बर्तन में जिन्नात बंद था . सलमा को जब भी मोका मिलता वो खंडर में अकेली जाती ओर जिन्नात पहले तरह उसको कुछ न उसको दे दिया करता था . जिन्नात सलमा को पसंद करने लगा था .






सलमा की उम्र भी धीरे - धीरे बढ़ रही थी 11, 12 साल तक तो वो खंडर में आती थी उसके बाद परिवार बाले उसको घर से बहार जाने के लिए मना करते थे . जब वह पुरे तरह से जबान हो चुकी थी उस जिन्नात की असकर नज़र सलमा रहा करती थी जिन्नात पर बहुत सारी शक्तिया होती जिन्नात कुछ भी कर सकता किसी को भी कितनी दूर वह देख सकता हैं . सलमा जबानी में इतनी सुंदर थी कि जेसे कोई अब्सरा जिन्नात उसको देखता खुश हो जाता धीरे - धीरे जिन्नात को सलमा से प्यार होने लग जाता हैं .



सलमा एक दी अपनी सहेलिओं के मेले में जा रही थी तो जिन्नात भी उसके साथ जा रहा था लेकिन किसी जिन्नात दिखाई नहीं दे रहा था नाही सलमा को तो सलमा सहेलियों से बातें करती जा रही थी एक सहिली ने पूछा की तुम बचपन में इतने अच्झे खिलोने किस दुकान से लती थी . तो सलमा को उस जिन्नात के बारे ख्याल आया ओर अपनी सहेली को बताने हि जा रही थी तभी अचानक उसके गाल पर अदिरेश्य शक्ति थप्पड़ पढता हैं . तो वह कुछ भी अपनी सहेलिओं को नहीं बताती वह थप्पड़ जिन्नात ने सलमा को मारा था कोई बात न बता दे रास्ते में चलते - चलते जब वह मेले जा रही थी .





तभी एक तांत्रिक की नज़र सलमा पर पढ़ती हे तांत्रिक सलमा को देखकर मोहित हो जाता हे ओर सलमा को पाने की पूरी कोशिश करने लगता हे अपने मन्त्रों तंत्रों से सलमा को अकिर्सित करने कोशिश करता हे तो अचानक क़यामत जिन्नात तांत्रिक के सामने पहुच जाता तांत्रिक जिन्नात को देख कर दांग रह जाता हे कि सलमा को वश में करने से इस जिन्नात का क्या महत्त्व हे . तभी जिन्नात तांत्रिक सलाह देता हे कि भूल कर भी सलमा को कोई चोट पहुचना की कोशिश तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा .लेकिन तांत्रिक नहीं मानता हे वोह अपनी प्रकिर्या जारी रखता हैं . तभी जिन्नात को गुस्सा आता हे तो तांत्रिक की जो शक्ति सलमा पर झोडी थी उन सभी शक्तिओं को जिन्नात नष्ट कर देता हे अपनी शक्ति का थोडा सा जलवा दीखाता हे तांत्रिक को जब समझ में आ जाता हे कि उसकी शक्ति जिन्नात की शक्ति से नहीं टकरा नहीं सकती तो तांत्रिक जिन्नात से माफ़ी मागता हे वचन देता हे कि हमेशा सलमा से दूर रहूँगा . जिन्नात हर तरीके से सलमा की सुरझा करने लगता हैं .




लेकिन सलमा इसकी थोड़ी सी भी खबर नहीं यही कि जिन्नात उसकी सुरझा करता हैं . थोड़े दिन बाद जब सलमा के परिवार बालों को लगा की सलमा शादी लायक हो चुकी हे तो सलमा के माँ बाप उसके लिए  रिश्ता धुड़ने लगे धिनोरी से 22 किलो मीटर दूर अफजल पुर में नाजिम के साथ रिश्ता तह कर देते हैं . जिन्नात को पता होता हे कि सलमा का रिश्ता तह हो चूका हे तो जिन्नात भेस बदल कर अफजल पुर जाता हैं ओर नाजिम से अकेले में बात करने के लिए बोलता हैं . नाजिम तेयार हो जाता हे एक कमरे बात करने लगते हे जिन्नात नाजिम को समजा रहा होता हे की तुम सलमा से रिश्ता मत करो में तुम्हारे लिए दुनिया की सबसे सुंदर दुल्हन ला कर दूंगा ओर इतना धन दोलत दूंगा की तुम्हारी 7 पुस्ठो से ख़तम नहीं होगी .नाजिम जिन्नात की बात को नहीं मानता हे जिन्नात से मना करने लगता की शादी करूँगा तो सलमा के साथ तुम कौन होते हो मुझे रोकने वाले जिन्नात नाजिम के हाथ पैर तोड़ देता हे उसे अपाहिज बना देता हे तो नाजिम से जिन्नात कहता हे की अब भी नहीं मानोगे अगर मान जाओगे तो में तुम्हे दुबारा ठीक कर दूंगा तो नाजिम जिन्नात की बात को मान जाता हे .







जिन्नात नाजिम को दुबारा ठीक कर देता हे जब सलमा के परिवार बालों को रिश्ता टूटने बात पता चलती हे तो उसका कराण धुड़ने की कोशिश करते हे तो उनको पता चलता हे कि रिश्ता टूटने का कारण क़यामत जिन्नात हे क्योकि नाजिम ने सलमा के परिवार बालों को सब कुछ बता दिया होता हे ओर परिवार बाले  बहुत ज्यादा डर जाते की एक जिन्न हमारी लड़की पीछे पड़ा हुआ वोह भी बहुत खतरनाक जिसका कोई सामना नहीं कर सकता सलमा के परिवार बहुत परेशांन रहने लगते हे उन्हें देखकर सलमा भी परेशांन थी .एक डी सलमा उस जिन्नात से मिलने खंडर चली जाती हे ओर जिन्नात को आबजे देती हे तो जिन्नात उस के सामने आ जाता हे वोह भी एक नोजाबान बनकर कर तो बोलती हे कि अपना असली रूप दिखाओ तो जिन्नात अपने असली रूप में आ जाता हे तो सलमा जिन्नात से पूझ्ती की तुमने मेरा रिश्ता क्यों तोडा तो जिन्नात कहता हे कि में तुमसे मोह्हबत करता हु ओर तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ . सलमा कहती कि तुम मुझसे सच्चा पयार करते हो तो वचन दो जिन्नात तेयार हो जाता हैं .bhoot ki kahani jinnat ka pyar





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सलमा जिन्नात से कहती की तुम मुझे भूल जाओ यहाँ कभी मत आना क्योकि मेरे परिवार बालें खुश नहीं होंगे तो में खुश नहीं रह पाऊँगी ओर एक जिन्नात और एक लड़की मेल नहीं हो सकता यह कहकर जिन्नात से वचन ले लेती हे वचन के अनुशार जिन्नात को अपना वचन निभाने के सलमा की बात माननी पड़ती ओर जिन्नात उस खंडर से दूर चला जाता हे कभी भी नहीं आता सलमा की शादी नाजिम से हो जाती हैं .




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