bhoot ki kahani khookhar jungel - Bhoot ki kahani- horror and scary stories in hindi

Saturday, April 6, 2019

bhoot ki kahani khookhar jungel


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4 से 5 गांव के पास एक जंगल था। गांव वालों ने देखा की कुछ लोग जंगल की तरफ को जाते हैं। कई दिनों तक बापस नहीं आते काफी दिनों तक ऐसा चलता रहा। काफी दिनों के बाद गांव  के लोगो ने सोचा की ऐसा क्यों को रहा हैं। और निकल पड़े सत्य की खोज में  जंगल के पास पहुंचे तो देखा की जगह -जगह राख ढेर पड़े  हुए थे। 



उन्हें लगा की किसी आत्मा या भूत ने  इनको राख कर दिया हैं और इतना डर गए की उस जंगल से जल्दी से भाग आये और सभी को बताया उस जंगल में कोई भी आदमी न ही रात को जायेगा न ही दिन में सभी गांव के लोग शाम होते ही घरो में घुस जाते राहगीरों को बहा जाने से भी मना करते थे। bhoot ki kahani khookhar jungel.




एक दिन दीपक बहा से गुजर रहा था दीपक को जंगल के रास्ते से  70 किलो मीटर दूर किसी दूर के रिस्तेदार से मिलने जाना था। जब गांव  के पास पंहुचा तो गांव  के लोगो ने रोक लिया जंगल और न जाने हिदायत दी।



दीपक ने पुछा - क्यों 

गांव  बालों ने कहा - शाहब उस जंगल में प्रेत आत्माये रहती हैं। उस जंगल में जो भी जाता हैं वह कभी लौट कर नहीं आता हैं। वो इंसान को जला कर राख कर देती हैं। 




दीपक ने कहा - आप लोग  इस ज़माने में भी भूत प्रेत पर विश्वाश करते हो। गांव  के लोगो के समझाने बाबजूद दीपक नहीं मानता और जंगल तरफ निकल पड़ता हैं। 



दीपक जंगल के पास पहुंच जाता है। और सोचने लगता हे गांव के लोग सही कह रहे थे या गलत और जंगल में घुसने ने लगता हैं। दीपक  कुछ दूर चलता हैं कुछ दूरी पर रखों के ढेर दिखाई पढ़ते हैं। दीपक सोचने लगता हे यार ऐसा क्या हे यहाँ पर और आगे की और बढ़ता हैं। पैरों में कुछ दबता हे और लेजर किरणे उस पर अटैक कर देती हैं। 



दीपक समझ में आ गया था यहाँ बहुत बढ़ा झोल हैं। 

उस जंगल में लेजर बीम किरणों का जाल बिछा हुआ था। यह लेजर बीम किरणे शक्तिशाली थी। इंसान पल भर जला कर राख कर दे। लेजर बीम किरणे बचते बचाते जंगल के आखिरी में जाता हैं। दीपक को आगे चल कर एक नदी दिखाई देती हैं। bhoot ki kahani khookhar jungel


दीपक परेशान की क्या चक्कर हे इतना इतजामं किया हुआ हैं लोगो को भूतो के नाम पर डराया जा रहा हैं। लेकिन यहाँ पर ऐसा कुछ दिख नहीं रहा जो साबित करे यहाँ कुछ हैं। दीपक वहा पर बैठा रहता हैं। थोड़ी देर बाद नदी में कुछ हलचल होने लगती हैं। दीपक छुप जाता और देखने लगता हैं।  नदी का आकार काफी बढ़ा था। नदी से पनडुब्बी टाइप कोई मशीन पानी के ऊपर आती हैं। 



दीपक को कुछ गलत गतिविधियों चलते सक होता हैं।  पुलिस को फ़ोन करता वहा से  चला आता हैं।  बाद में पता चलता हैं। की नदी के नीचे कारखाना बनाया हुआ था। जिसमे रेत के कणों से हीरे बनाये जा रहे थे। तभी लेजर सिस्टम लगाए थे। की कोई वहा ना आये अगर आये तो जिन्दा बापस ना जाये। लोग समझे यहाँ प्रेत आत्माये रहती हैं। 


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